Haryana Ekmusht Niptan Yojana 2026: पैक्स लोन पर ब्याज माफी योजना – पूरी जानकारी, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना 2026 (Haryana Ekmusht Niptan Yojana 2026), जिसे वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम भी कहा जाता है, हरियाणा सरकार की एक महत्वपूर्ण राहत योजना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा दिसंबर 2025 में शुरू की गई इस योजना के तहत प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) से लिए गए पुराने कृषि ऋणों पर ब्याज और जुर्माने को पूरी तरह माफ किया जाता है, यदि किसान मूलधन (प्रिंसिपल अमाउंट) एकमुश्त जमा कर दे। यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू है और लाखों किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य रखती है।
यह पूरा गाइड योजना के हर पहलू को विस्तार से बताता है, ताकि किसान आसानी से लाभ उठा सकें।

Haryana Ekmusht Niptan Yojana 2026 Overview
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना 2026 (PACS अतिदेय ऋणों के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम) |
| शुरू की गई | हरियाणा सरकार (मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी) |
| शुरूआत की तारीख | दिसंबर 2025 |
| लागू अवधि | 31 मार्च 2026 तक |
| मुख्य लाभार्थी | PACS से फसल ऋण या दुकान ऋण लेने वाले अतिदेय किसान; मृत किसानों के परिवार |
| मुख्य लाभ | मूलधन एकमुश्त जमा करने पर 100% ब्याज और जुर्माना माफी |
| अनुमानित ब्याज माफी | कुल लगभग 2266 करोड़ रुपये (मृत किसानों के मामलों में 900 करोड़ रुपये) |
| अतिरिक्त लाभ | निपटान के बाद तीन किस्तों में नया ऋण लेने की पात्रता |
Haryana Ekmusht Niptan योजना के उद्देश्य
हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना का मुख्य लक्ष्य पुराने कर्ज से जूझ रहे किसानों को आर्थिक राहत प्रदान करना है। इससे सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और किसान नए ऋण लेकर खेती जारी रख सकेंगे।
| उद्देश्य | विवरण |
|---|---|
| किसानों को कर्ज राहत | जमा ब्याज को माफ करके भुगतान आसान बनाना |
| एकमुश्त भुगतान को प्रोत्साहन | मूलधन जमा करने पर पूर्ण माफी |
| नया ऋण उपलब्धता | निपटान के बाद किसानों को ताजा क्रेडिट मिलना |
| मृत किसानों के परिवारों को सहायता | वारिसों को भी ब्याज माफी का लाभ |
| सहकारी क्षेत्र को मजबूती | PACS की बैलेंस शीट सुधारना |
Haryana Ekmusht Niptan Yojana 2026 के पात्रता मानदंड
योजना का लाभ लेने के लिए निम्न मानदंड पूरे करने होंगे:
| मानदंड | विवरण |
|---|---|
| ऋण का प्रकार | PACS से फसल ऋण या दुकान ऋण |
| अतिदेय स्थिति | 30 सितंबर 2024 तक अतिदेय ऋण |
| लाभार्थी प्रकार | जीवित किसान या मृत किसानों के परिवार (लगभग 2.25 लाख मृत किसान मामले पात्र) |
| बहिष्कार | पहले से निपटाए गए या मुकदमेबाजी में ऋण (विशेष मामलों में भिन्न हो सकता है) |
| निवास | हरियाणा का स्थायी किसान |
हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना 2026 के लाभ
यह योजना किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ प्रदान करती है और हाल के वर्षों की सबसे किसान-हितैषी योजनाओं में से एक है।
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| ब्याज माफी | 100% बकाया ब्याज और जुर्माना माफी |
| जुर्माना छूट | एकमुश्त मूलधन भुगतान पर कोई जुर्माना नहीं |
| नया ऋण पात्रता | निपटान के बाद तीन किस्तों में नया फसल ऋण |
| राहत राशि | कुल 2266 करोड़ रुपये ब्याज माफी का अनुमान |
| दीर्घकालिक प्रभाव | बेहतर क्रेडिट स्कोर और खेती के लिए वित्तीय स्वतंत्रता |
आवेदन प्रक्रिया: चरणबद्ध गाइड
योजना के लिए आवेदन मुख्य रूप से ऑफलाइन है और PACS के माध्यम से होता है।
| चरण | कार्य |
|---|---|
| चरण 1 | निकटतम प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (PACS) जाएं |
| चरण 2 | बकाया मूलधन, ब्याज और जुर्माने का विवरण प्राप्त करें |
| चरण 3 | एकमुश्त निपटान के लिए लिखित आवेदन जमा करें |
| चरण 4 | मूलधन एकमुश्त जमा करें (नकद, चेक या बैंक ट्रांसफर) |
| चरण 5 | PACS से स्वीकृति और माफी प्रमाणपत्र प्राप्त करें |
| चरण 6 | आवश्यकता होने पर निपटान के बाद नया ऋण आवेदन करें |
आवश्यक दस्तावेज
किसानों को बुनियादी पहचान और ऋण संबंधी दस्तावेज साथ ले जाने चाहिए।
| दस्तावेज | उद्देश्य |
|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान सत्यापन |
| वोटर आईडी या राशन कार्ड | पता प्रमाण |
| ऋण खाता पासबुक/स्टेटमेंट | बकाया राशि का विवरण |
| किसान क्रेडिट कार्ड (यदि लागू) | ऋण संदर्भ |
| मृत्यु प्रमाणपत्र (मृत मामलों के लिए) | परिवार लाभार्थियों के लिए प्रमाण |
| बैंक खाता विवरण | रिफंड या नए ऋण के लिए |
हरियाणा के किसानों पर प्रभाव
सितंबर 2025 तक हरियाणा में 25.67 लाख से अधिक किसानों का कुल कृषि ऋण 60,816 करोड़ रुपये बकाया है। यह योजना PACS के अतिदेय ऋणों के बड़े हिस्से को लक्ष्य करती है और आर्थिक चुनौतियों के बीच राहत प्रदान करती है।
| आंकड़ा | संख्या |
|---|---|
| कुल बकाया ऋण वाले किसान | 25,67,467 |
| कुल बकाया राशि | 60,816 करोड़ रुपये |
| पात्र मृत किसानों के परिवार | लगभग 2.25 लाख |
| संभावित लाभार्थी | लाखों छोटे और सीमांत किसान |
| कुल ब्याज माफी अनुमान | 2266 करोड़ रुपये |
पिछली योजनाओं से तुलना
हरियाणा ने पहले भी ऐसी OTS योजनाएं लागू की हैं, जिनकी पहुंच बढ़ती जा रही है।
| वर्ष | लाभार्थी | राहत राशि |
|---|---|---|
| 2019 | 3,08,302 किसान | 1,348.40 करोड़ रुपये |
| 2022 | 17,847 किसान | 66.01 करोड़ रुपये |
| 2026 (वर्तमान) | अधिक लाभार्थी अपेक्षित (31 मार्च 2026 तक) | 2266 करोड़ रुपये (ब्याज माफी अनुमान) |
हरियाणा कृषि के लिए योजना का महत्व
हरियाणा की कृषि सहकारी क्रेडिट पर बहुत निर्भर है। अतिदेय ऋण किसानों को बीज, खाद और मशीनरी में निवेश करने से रोकते हैं। यह योजना पुराने कर्ज साफ करके वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है।
| क्षेत्र प्रभाव | अपेक्षित परिणाम |
|---|---|
| वित्तीय राहत | कर्ज का बोझ कम |
| उत्पादकता बढ़ोतरी | नए क्रेडिट से बेहतर पैदावार |
| सहकारी मजबूती | PACS की बेहतर बैलेंस शीट |
| ग्रामीण अर्थव्यवस्था उछाल | किसानों के पास अधिक खर्च योग्य आय |
लाभ अधिकतम करने के टिप्स
- अंतिम तारीख से पहले PACS जाएं।
- भुगतान से पहले सटीक मूलधन राशि सत्यापित करें।
- भुगतान और माफी रसीद का रिकॉर्ड रखें।
- निपटान के बाद नए ऋण की योजना बनाएं।
हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना 2026 पर यह विस्तृत गाइड किसानों को पूरी जानकारी प्रदान करता है। पुराने ऋण निपटाकर हजारों किसान नई फसल सत्र की शुरुआत ताजा कर सकते हैं।
